सेनेट्री नैपकिन का प्रयोग करके महिलाओ ने प्रधानमंत्री से मांगी सहायता!

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हम सब जानते है कि हमारे India के वर्तमान प्रधान मंत्री श्री Narendra Modi जी एक बहुत ही सज्जन पुरुष है जो की सभी की बाते बहुत ही ध्यान से सुनते है और सबकी सहायता के लिए हमेशा तैयार भी रहते है खासकर की अगर बात हो महिलाओं की हित की तो उसके लिए वह हमेशा सजग रहते है। उनकी इसी कर्मठता के कारण लोग एवं महिलाए उनसे बहुत सारी Ummid लगाए हुए रहते है।
आज हम आपके सामने एक ऐसा वाक्या प्रस्तुत करने जा रहे है जो आपको पूर्ण रूप से अचंभित कर के रख देगा, यह बात कुछ ही समय पुरानी है जब जीएसटी लागू होने के कारण पीरियड्स के दिनों में प्रयोग होने वाले सेनेट्री नैपकिन के रेट भी बढ़ गए थे जिसके कारण महिलाओं के एक समूह ने नैपकिन को कागज़ बना कर उसे पत्र की तरह इस्तेमाल करके मोदी जी के पास भेजते हुए अपनी गुहार उन तक पहुचाई जिसमे वह चाहती थी की नैपकिन पर कोई जीएसटी ना लगाई जाए।


महिलाओं का पूर्ण विश्वास है कि मोदी जी एक बहुत ही सुलझे हुए नेता है जो हमेशा जनता और महिलाओं के हित का ही विचार करते है इसलिए उन्होंने निससंकोच उन्होंने अपनी बात उन तक पहुचाई। वैसे मोदी जी ने महिलाओं के वर्ग को ऊँचा उठाने के लिये बहुत से अतुलनीय कार्य किये जिसमे की “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” एक ऊंच स्तर का कार्य साबित हुआ। उन्होंने गरीब महिलाओं के पोषड के लिए रसोई में इस्तेमाल हीने वाली गैस की सुविधा प्राप्त करवाई। और सबसे महत्वपूर्ण वो हालही मुस्लिम वर्ग की स्त्रियों के लिए ‘तीन तलाक’ के खिलाफ भी कानून जारी करने वाले है।
नैपकिन को जीएसटी मुक्त बनाने के लिए महिलाए भी अनेको प्रयास कर रही है जिसमे से की ग्वालियर की कुछ महिलाओ ने मोदी जी के पास उनके हाथ से लिखित Napkins और Postcard भेजने के प्रयास में जुटी हुई है।

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इस कार्य की मुखिया प्रीती देवेंद्र जोशी कहती है कि “महिलाओ के लिए प्रयोग होने वाले नैपकिन वैसे बजी बहुत ही महँगे होते है ऊपर से इसकी बढ़ती कीमतों के Wajeh, वह इसे खरीदने में और भी असमर्थ हो जाएंगे”
इसके वर्तमान बढ़ती कीमतों के कारण बीच के वर्ग की महिलाएं मुश्किल से इसे खरीद पाते है, और निम्न श्रेणी की महिलाएं तो इसे खरीदने की सोचती भी नही है।


इस अभियान की अन्य सदस्या उषा धाकड़ जी का कहना है कि इस कार्य का पहला चरण 5 मार्च तक चलेगा और इसके बाद वह अन्य महिलाओं सहित अनेको पोस्टकार्ड और पैड प्रधानमंत्री तक भेजेगी और उनसे पैड पर लगे 12 प्रतिशत के जीएसटी तथा अन्य शुल्क मुक्ति का आग्रह करेंगी।

इस अभियान को तीन चरणों में बाटा गया है जिसमे क्रमशः पहले 1000 फिर एक लाख और आखिरी में 5 लाख हस्तलिखित पैड और पोस्टकार्ड मोदी जी तक पहुचाने है। इसलिए इसमें एमपी,बिहार, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों की स्त्रियों का इसमें हिस्सा लेने का आग्रह किया है। और इसमें छोटी उम्र की लड़कियों की हिस्सेदारी की मांग बहुत ज्यादा है।

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